उसकी जगह पर सजा लिया तूने अपना घर, परंतु क्या-क्या नहीं दिया उसने तुझे अपना क्यों ना सोचा तू ... उसकी जगह पर सजा लिया तूने अपना घर, परंतु क्या-क्या नहीं दिया उसने तुझे अपना ...
और आगे भी अपनी, आयु तक तुम जी जाओगे। और आगे भी अपनी, आयु तक तुम जी जाओगे।
सर तिरंगा का इज्जत से उठे माँ भारत की जय जयकार जगे। सर तिरंगा का इज्जत से उठे माँ भारत की जय जयकार जगे।
वस्तुतः उन्हीं की गणना करनी चाहिए। वस्तुतः उन्हीं की गणना करनी चाहिए।
पत्नी तक का दर्जा दिलाते हैं जुल्म करने पर ना कोई हिचकिचाते हैं पत्नी तक का दर्जा दिलाते हैं जुल्म करने पर ना कोई हिचकिचाते हैं
सब भूल कर फिर दाव पर मैं आँसू ही लगाने के लिए बैठा रहा। सब भूल कर फिर दाव पर मैं आँसू ही लगाने के लिए बैठा रहा।